Friday, February 26, 2010

Shame Shame Pranav Babu

यह क्या कर दिया प्रणव बाबू? अभी तो संसद में महंगाई पर बहस चल ही रही थी की आपने एक नया धमाल कर दिया. आर्थिक पैकज की वापसी का अंदेशा तो पहले से ही सबको था पर आप इतने निर्दयी तो न थे. आयकर में थोड़ी सी रियायत देकर उसे वापस लेने के कई रास्ते खोल डाले. मैं समझता हूँ यह कदम इस साल महंगाई की दर को बीस प्रतिशत के पार ले जायेगा.  मैं एक बात से हैरान हूँ. उद्योगपतियों को आपका बजट बहुत भा रहा है. शायद वो यह सोचते हैं की बढे दामो को आम लोगों पर ट्रान्सफर कर देंगे. हुआ भी ऐसा ही उधर प्रणव दा ने अपना बजट भाषण ख़त्म किया इधर कार कम्पनियों ने फटा फट दाम बढाने का एलान कर दिया.  जाते जाते एक बात इतना बता जाता हूँ की आप तैयार रहें एक और साल महंगाई के बोझ तले दबे रहने की लिए. अगले साल बजट के आंकड़े तो दुरूस्त हो जायेंगे पार आम आदमी के घर का आंकड़ा तितर बितर हो जायेगा.

Sunday, December 20, 2009

Sattaseen Sapere

अभी कुछ दिन पहले मुझसे किसी ने एक सवाल किया जिसका उत्तर मैं उस वक़्त नहीं दे पाया. एक पत्रकार होने के नाते आपको कई बार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जब लोग समझते हैं की आपके पास हर प्रश्न का उत्तर होगा. मगर उस दिन पूछे गए उस यक्ष प्रश्न का जवाब मैं आपसे भी पूछूंगा. एक आम आदमी ने मुझसे पूछा- जब जब ये कांग्रेस की सरकार आती है महंगाई क्यों बढ़ जाती है? बात तो सच है.  आम आदमी की सरकार   में सबसे ज्यादा अनहित आम आदमी का ही हो रहा है. क्रमशः